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उत्तर प्रदेश

मरकज़े अहल-ए-सुन्नत बरेली शरीफ उत्तर प्रदेश भारत से हमें मिली रसूल, सभी सहाबा और सभी पीर वलियों के एहतेराम की शिक्षा – अल्लामा मुख्तार


भारत व नेपाल के उलमा की संयुक्त कान्फ्रेंस में दोनों देशों के इत्तेहाद उलमा पर दिया गया जोर।

नेपालगंज, बांके, नेपाल।

दिनांक 3.3.23 बरोज जुमा रात नौ बजे से सुबह 3 बजे तक  दारुल उलुम फैजुननबी जामा मस्जिद वार्ड नम्बर 3 नेपालगंज जनपद बाॅके नेपाल में एक दिवसीय सय्यदना उवैस करनी और जशने दस्तार बंदी का आयोजन हुआ जिस में भारत व  नेपाल  के दो दर्जन से अधिक आलिम, मुफ्ती और शायर सम्मिलित हुए और दस हजार से अधिक भारी भीड सुनने के लिए सम्मलित हुए।मरकज़े अहल-ए-सुन्नत दरगाहेआलाहजरत बरेली शरीफ उत्तर प्रदेश भारत के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय धार्मिक वक्ता हज़रत अल्लामा मुख्तार अहमद कादरी मुख्य वक्ता के रुप में सम्मिलित हुए।बाराबंकी उत्तर प्रदेश भारत की खानकाहे इसमालिया   से हजरत सययद हससान नुर वासती और जनपद बस्ती उत्तर प्रदेश भारत से मुफ्ती अजहार अमजदी शामिल हुए ,इस की अध्यक्षता जामा मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना शरीफुल कादरी साहब ने की।मदिना नुरी मस्जिद के इमाम और उलमा कौंसिल नेपाल के हजरत मौलाना नसीरुद्दीन साहब और हजरत मुफ्ती कहफुलवरा मिस्बाही साहब और दीगर उलमाए नेपाल भी कान्फ्रेंस में शरीक हुए।
इस मौके पर हजरत अल्लामा मुखतार अहमद कादरी साहब ने कहा कि हम भारतीय लोगों का नेपाली  समुदाय से बहुत पुराना रिशता रहा है।आलाहज़रत और खानदाने आलाहज़रत और मरकजे अहल-ए-सुन्नत दरगाह आलाहज़रत बरेली शरीफ उत्तर प्रदेश भारत ने नेपाल के मुस्लिम समुदाय को शिक्षित भी किया और उनको सुन्नी सूफी खानकाही बरेलवी विचार धारा का पाबंद भी बनाया,आज हम लोग अपने बुजुर्गों के बताए तरीके से हट कर सामाजिक बुराई में पडे हुए हैं,हमारे समाज में इस समय जुआ,चोरी,नशा,गलत रस्में, जहेज की लानत,मंहगी शादी,खडे होकर खाना,बेपरदगी और आपसी नफरत बढती जा रही है,इस के साथ हमारे नौजवानों को गुमराह और कट्टरपंथी संगठन गुमराह कर रहे हैं,लोगों को सहाबा ए किराम और अल्लाह के वलियों और मजाराते औलिया का गुस्ताख बना रहे हैं,जबकि इन सब से अल्लाह ने भलाई का वादा फरमाया है मगर राफजियत व तफजीलियत का फितना हर दिन नेपाल के मुस्लिम नौजवानों को गुमराह कर रहा है।याद रखे हजरते अली भी हमारे लिए वाजिबुतताजी हैं और हजरते अमीर मुआविया भी।नबियो और रसूलों के बाद सारी मखलुक में सब से अफजल हजरते अबुबकर सिद्दीक सब से अफजल हैं,सारे सहाबा हमारे लिए हिदायत के सितारे हैं,और रसूल के अहले बैत हम सब के लिए नजात की कश्ती है।हमें एहले बैत का भी एहतिराम करना है और सहाबा ए किराम की भी ताजीम करना है।
नेपाली मुस्लिम स्टूडंट्स ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तौहीद रजा ने सारे उलमा के नेपालगंज आने पर शुकरिया अदा किया।

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