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महाराजगंज

आस्था पर चोट से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,हजारों की संख्या में महिला पुरुषों ने किया प्रदर्शन

 

कस्बे के प्राचीन काली मंदिर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य,मौके पर पहुंचा तहसील प्रशासन, रोका निर्माण कार्य

 

महराजगंज:-ठूठीबारी कस्बे के प्राचीन काली मंदिर परिसर में विद्यालय प्रबंधन द्वारा निर्माण कार्य को लेकर मौके पर पहुंचे हजारों ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। लोगो ने जमकर नारेबाजी की। घटना की सूचना पर पहुचे नायब तहसीलदार अभिषेक मिश्रा व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज राय के साथ निर्माण कार्य को अविलंब रोक दिया गया। इस दौरान पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन ने मंदिर के समीप खोदे गए गड्ढे को जेसीबी माशिन द्वारा जमीन को समतल कर दिया गया। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। घटना से कस्बे में आक्रोश का माहौल है।

दिन मंगलवार की सुबह राधा कुमारी इंटर कालेज के समीप बने प्राचीन काली मंदिर परिसर में हो रहे निर्माण कार्य को लेकर क़स्बे के महिला व पुरषों की हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हो जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब सवा सौ साल पहले इस मंदिर का निर्माण कराया गया था तब से लेकर आज तक क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग इस मंदिर पर मुंडन वैवाहिक सहित अन्य तमाम धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करते आ रहे है। साथ ही विगत कई वर्षों से काली मंदिर पूजा समिति द्वारा नौ दिवसीय यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

जहाँ भारी संख्या में लोग पहुँच कर अपनी आस्था की भागीदारी निभाते है। ऐसे में विद्यालय प्रबंधन द्वारा मंदिर परिसर में निर्माण कार्य से लोग बेहद आहत है। गनीमत रहा कि तहसील प्रशासन व कोतवाली पुलिस द्वारा सही समय पर पहुंच कर ग्रामीणों की नब्ज टटोलते हुए खुदाई की गयी जमीन को समतल कर लोगो के जख्मो पर मरहम लगा दिया जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। इस बाबत नायब तहसीलदार अभिषेक मिश्रा ने बताया कि मौके पर पहुंच निर्माण कार्य को रोक दिया गया है।आदर्श आचार संहिता के दौरान कोई नया निर्माण कार्य नही होगा।

 

प्राचीन काली मंदिर का इतिहास

विगत सवा सौ साल पहले ईशव राज के दादा इंदुवर सुब्बा त्रिवेणी से लेकर तिनाव तक जमींदार थे इनके ही द्वारा ठूठीबारी क़स्बे को बसाया गया था। उसी समय ईशव राज की माता पदम कुमारी देवी द्वारा विंध्याचल से मा काली की दो पिंडियां लाई गई थी जिसमें एक पिंडी राधा कुमारी इंटर कालेज के समीप आबादी की जमीन में प्राचीन काली मंदिर का निर्माण कराया गया। वही दूसरी पिंडी को कालीगंज मुहल्ले में कलकत्ता काली माई के नाम से मंदिर का निर्माण कराया गया है। तब से लेकर आज तक क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग अपनी आस्था के अनुरूप पूजा-पाठ अनुष्ठान आदि करते आ रहे है। इसी घराने की श्री मती पदम कुमारी की बहू श्री मति राधा कुमारी देवी द्वारा ही सीमाई क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने के लिए राधा कुमारी इंटर कालेज की नींव रखी गयी थी। उस समय इस क्षेत्र के लोगो के लिये एक मात्र शिक्षण संस्थान था। जहा से लोग शिक्षा ग्रहण कर इस क्षेत्र जय नाम रोशन कर रहे हैं।

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